चंद लोगों के स्वार्थ की भेंट चढ़ा कोचिंग हब, नाडार की आमरण अनशन की चेतावनी

600 करोड़ के घोटाले का आरोप, जांच दल गठित करने की मांग
गोपालपुरा बायपास स्थित कोचिंग संस्थानों को शिफ्ट करने का मामला
चुप्पी तोड़
जयपुर। राजधानी के गोपालपुरा बायपास स्थित कुछ स्वयं के भवन वाले कोचिंग संचालकों तथा किराया माफिया को लाभ पहुंचाने के लिए प्रतापनगर कोचिंग हब योजना को विफल करने की साजिश का आरोप सरकार पर लगाते हुए ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ ने मामले की जांच के लिए जांच दल गठित करने की मांग की है। महासंघ ने इसे 600 करोड़ रुपए का घोटाला करार दिया है।
ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष तथा कोचिंग हब के प्रेरक अनीष कुमार नाडार ने कहा कि कोचिंग संचालकों की लगातार कोचिंग हब आवंटित करने की मांग को दरकिनार कर गोपालपुरा में अनावश्यक रूप से सैकड़ों करोड़ रुपए का एलिवेटेड रोड बनाने के पीछे की साजिश की जांच होनी चाहिए। उन्होंने इसमें स्थानीय भूमाफिया और किराया माफिया की भूमिका की भी जांच की मांग की।
महासंघ ने कहा कि जयपुर को स्मार्ट शहर बनाने की दिशा में विजन 2047 के तहत कोचिंग हब का विकसित और व्यवस्थित होना जरूरी है। इसके बावजूद कोचिंग हब को सफल बनाने के लिए कोचिंग संचालकों की संयुक्त बैठक बुलाने के लिए हाउसिंग बोर्ड तैयार नहीं हो रहा है।

नाडार ने कहा कि कोचिंग हब के बिना व्यवस्थित और विकसित जयपुर की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए कोचिंग हब के आवंटन की नीति में बदलाव कर कीमत यथावत रखते हुए हाउसिंग बोर्ड द्वारा कोचिंग संचालकों को रियायत देने की योजना को सिरे से खारिज करना मिलीभगत का संकेत है।
महासंघ ने मांग की है कि जो कोचिंग संचालक कोचिंग हब में जाने के लिए सहमति दे रहे हैं, उन्हें वर्तमान सीज की कार्रवाई से मुक्त कर कोचिंग हब में जाने के लिए समय दिया जाना चाहिए। साथ ही, देशभर में कोचिंग जगत के हित में काम करने वाले संगठनों से भविष्य में चलाए जाने वाले आंदोलन में समर्थन करने की अपील की गई है।
महासंघ के अनुसार, जयपुर के अधिकतर कोचिंग संचालक कोचिंग हब की भारी कीमत के कारण छात्रों पर पड़ने वाली फीस की अतिरिक्त भार की आशंका के चलते वहां जाने से डर रहे हैं।
अनीष कुमार नाडार ने आरोप लगाया कि कुछ, अर्थात चार कोचिंग संचालक ऐसे हैं, जिनकी अपनी बिल्डिंग है और वे ही बिल्डिंग मालिक भी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि गोपालपुरा में गड़बड़ी करने वाले ऐसे कोचिंग संस्थानों को ही कोचिंग माफिया कहा जाता है। उनके अनुसार, ये लोग अपने निजी लाभ के लिए करीब 20 करोड़ रुपये की अपनी बिल्डिंग बचाने के लिए 350 करोड़ रुपए के कोचिंग हब और लगभग 180 करोड़ रुपए के एलिवेटेड रोड, जो जनता का पैसा है, को बर्बाद करने के लिए सरकार पर दबाव डाल रहे हैं।
नाडार ने कहा कि ऐसे लोगों की वजह से ईमानदार कोचिंग संचालकों को भी बदनाम होना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये लोग छात्रों की आड़ में सरकार को धमका रहे हैं और 600 करोड़ रुपए बर्बाद करने के लिए सरकार पर दबाव डाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि वे ऐसा कभी नहीं होने देंगे।

“अब मैंने समझौता करने से मना कर दिया है। आमरण अनशन होगा और कोचिंग हब में ही होगा। या तो हम कोचिंग हब को हमारे छात्रों के लिए सफल करके जाएंगे या फिर कोचिंग हब मेरे लिए शहीद स्मारक बन जाएगा। आमरण अनशन के बाद जीत या मौत।”
–अनीष कुमार नाडार
प्रदेश अध्यक्ष, ऑल कोचिंग इंस्टिट्यूट महासंघ




