जेडीए के नोटिस से कोचिंग संचालकों में हड़कंप

गोपालपुरा बायपास से प्रतापनगर कोचिंग हब शिफ्ट होने के निर्देश
राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के बैनर तले कोचिंग संस्थानों ने की सांकेतिक हड़ताल
चुप्पीतोड़
जयपुर, 19 अगस्त।
जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए ) की ओर से गोपालपुरा बायपास पर संचालित कोचिंग संस्थानों को 7 दिनों के भीतर कोचिंग संस्थान बंद करने संबंधी नोटिस से कोचिंग संस्थानों के सचालकों में हड़कंप मच गया है। जेडीए इस कार्रवाई के पीछे सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना बता रहा है। वहीं , जेडीए के नोटिस के विरोध में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के आह्वान पर बुधवार को गोपालपुरा बायपास क्षेत्र के 200 से अधिक कोचिंग संस्थानों ने एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल की। हड़ताल के दौरान क्षेत्र के कोचिंग संस्थान, लाइब्रेरी एवं स्टडी हॉल सहित सभी शैक्षणिक गतिविधियाँ पूर्णतः बंद रहीं। हड़ताल को गोपालपुरा बायपास क्षेत्र के व्यापार मंडल, व्यापार संघ एवं बिल्डिंग मालिक एसोसिएशन ने भी समर्थन प्रदान किया।
एसोसिएशन के अनुसार, जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए ) की ओर से गोपालपुरा बायपास क्षेत्र के कोचिंग संस्थानों को 7 दिनों के भीतर कोचिंग संस्थान बंद करने संबंधी नोटिस जारी किए गए हैं। जेडीए का कहना है कि यह कार्रवाई माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों की अनुपालना में की जा रही है।
इस सम्बन्ध में आयोजित प्रेस वार्ता में राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं विभिन्न कोचिंग संस्थानों के निदेशकों ने एकत्रित होकर मीडिया के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए कहा कि इस मामले में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को स्पष्ट किया जाना आवश्यक है।
एसोसिएशन ने के मुताबिक गोपालपुरा बायपास रोड 160 फीट चौड़ी प्रमुख सड़क है, जिस पर लगभग रु 250 करोड़ की लागत से फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। एसोसिएशन के अनुसार गोपालपुरा बायपास रोड को जेडीए द्वारा 5 जुलाई, 2021 एवं 26 जुलाई, 2022 को कोचिंग गतिविधियों के लिए अधिसूचित किया गया था। वर्ष 2022 के विशेष परियोजना विकास योजना के अंतर्गत इस क्षेत्र को कोचिंग संस्थानों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित किए जाने का प्रावधान बताया गया है।
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एसोसिएशन ने यह भी कहा कि उनके अनुसार सर्वोच्च न्यायालय में प्रस्तुत याचिका के संदर्भ में कुछ तथ्य भ्रामक रूप से प्रस्तुत किए गए, जिसके कारण वर्तमान स्थिति उत्पन्न हुई है। एसोसिएशन का कहना है कि इस संबंध में वे अपना पक्ष विधिक रूप से न्यायालय के समक्ष भी प्रस्तुत करेंगे।
राजस्थान कोचिंग इंस्टीट्यूट एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि सर्वोच्च न्यायालय की आगामी सुनवाई से पूर्व एडवोकेट जनरल के माध्यम से कोचिंग संस्थानों एवं जेडीए दोनों का पक्ष प्रभावी रूप से रखा जाए। तब तक किसी भी प्रकार की सीलिंग अथवा दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए।
एसोसिएशन ने कहा कि गोपालपुरा बायपास क्षेत्र के अधिकांश कोचिंग संस्थान सभी आवश्यक नियमों एवं मानकों का पालन करते हुए संचालित हो रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें जारी किए गए नोटिसों से हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं संबंधित व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया कि वह कानून एवं न्यायपालिका का पूर्ण सम्मान करती है तथा अपने अधिकारों एवं तथ्यों को संवैधानिक एवं न्यायिक माध्यम से प्रस्तुत करेगी। एसोसिएशन का एक मत है कि कोचिंग सम्बन्धी नियम सभी जगह अलग-अलग हैं । इनमें एकरूपता नहीं है।
इस अवसर पर सभी कोचिंग संस्थानों के संचालक, निदेशक, मैनेजर, फैकल्टी इत्यादि मौजूद रहे। इनमें प्रमुख रूप से एमके सिंह, गिरीश चौधरी, आरएल पूनिया, राघवेन्द्र, विजेंद्र आदि शामिल हैं।





