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आरआईसी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर संवादात्मक कार्यशाला आयोजित

जयपुर। कृत्रिम बुद्धि ( AI) सीखने, संवाद, पेशेवर कार्यों, विश्लेषण और निर्णय लेने में सहायता कर सकता है। हम AI को केवल “Artificial Intelligence” के रूप में देखने के बजाय इसे “Intelligent Assistant (IA)” के रूप में देखें। AI की व्यक्तिगत कोच (Personal Coach) के रूप में भी बहुत संभावनायें हैं। AI उपयोगकर्ताओं को लक्ष्य निर्धारित करने, प्रगति पर नज़र रखने, सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने, कौशल का अभ्यास करने और व्यक्तिगत फीडबैक प्राप्त करने में सहायता कर सकता है। यह कहना है टेक एक्सपर्ट डॉ अजय डाटा का।
डॉ डाटा जयपुर के राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (आरआईसी) की ओर से बुधवार, 30 सितंबर 2026 को आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की संवादात्मक कार्यशाला में बोल रहे थे। कार्यशाला में डॉ. अजय डाटा ने संसाधक के रूप में प्रतिभागियों से संवाद किया। सत्र में AI के व्यावहारिक उपयोग और दैनिक जीवन एवं पेशेवर कार्यों में इसकी उपयोगिता पर चर्चा की गई।

डॉ. डाटा ने AI को केवल “Artificial Intelligence” के रूप में देखने के बजाय इसे “Intelligent Assistant (IA)” के रूप में समझने का एक नया दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि AI सीखने, संवाद, पेशेवर कार्यों, विश्लेषण और निर्णय लेने में सहायता कर सकता है।

उन्होंने दैनिक जीवन में AI की बढ़ती भूमिका पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लोग AI का उपयोग प्रश्न पूछने, विचारों को विस्तार देने, सूचनाओं का विश्लेषण करने, विभिन्न दृष्टिकोणों पर विचार करने तथा विभिन्न विषयों पर समाधान विकसित करने के लिए कर सकते हैं। संवादात्मक चर्चा के माध्यम से प्रतिभागियों ने यह भी समझा कि AI उपकरण तेजी से जानकारी उपलब्ध कराने और बदलते डिजिटल परिवेश में समस्या-समाधान में सहायता कर सकते हैं।

कार्यशाला का एक प्रमुख विषय सटीक प्रश्न पूछने और प्रभावी प्रॉम्प्ट (Prompt) लिखने का महत्व रहा। डॉ. डाटा ने समझाया कि AI सिस्टम को दिए गए निर्देशों की स्पष्टता और गुणवत्ता उसके उत्तरों की उपयोगिता को सीधे प्रभावित करती है। प्रतिभागियों को बेहतर और अधिक प्रासंगिक परिणाम प्राप्त करने के लिए प्रश्नों को अलग-अलग तरीकों से प्रस्तुत करने का प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

डॉ. डाटा ने AI की व्यक्तिगत कोच (Personal Coach) के रूप में संभावनाओं पर भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि AI उपयोगकर्ताओं को लक्ष्य निर्धारित करने, प्रगति पर नज़र रखने, सुधार के क्षेत्रों की पहचान करने, कौशल का अभ्यास करने और व्यक्तिगत फीडबैक प्राप्त करने में सहायता कर सकता है।

इस कार्यशाला ने प्रतिभागियों को AI को केवल जानकारी तैयार करने वाले उपकरण के रूप में नहीं, बल्कि सीखने, उत्पादकता, रचनात्मकता और व्यक्तिगत विकास में सहायक एक बुद्धिमान प्रणाली के रूप में समझने का व्यावहारिक अवसर प्रदान किया।

सत्र में प्रतिभागियों की अच्छी उपस्थिति रही और उन्हें उभरते हुए AI उपकरणों के साथ संवाद करने तथा डिजिटल युग में उनकी प्रासंगिकता को समझने का अवसर मिला।

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