निवेशकों की पहली पसंद बना नीमराना, गुरुग्राम की तर्ज पर हो रहा विकास

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तेजी से बढ़ रही प्रॉपर्टी की कीमतें

नीमराना
दिल्ली-मुंबई औद्योगिक कॉरिडोर के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभर रहा नीमराना इन दिनों एक बार फिर प्रॉपर्टी निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। नेशनल हाईवे पर रणनीतिक बसावट, दिल्ली-गुरुग्राम से बेहतरीन कनेक्टिविटी, तेजी से विकसित हो रहा औद्योगिक ढांचा, प्रस्तावित मेट्रो कनेक्टिविटी और नई रेलवे लाइन जैसी परियोजनाओं ने इस क्षेत्र को “नया गुरुग्राम” बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ा दिया है।

जापानी कंपनियों के विशेष औद्योगिक क्षेत्र “जापानी जोन” ने नीमराना को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई है। देश-विदेश की बड़ी कंपनियों की मौजूदगी के कारण यहां रोजगार, व्यापार और आवासीय जरूरतें लगातार बढ़ रही हैं। यही कारण है कि अब आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक—तीनों प्रकार की प्रॉपर्टी की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है।

मध्य-पूर्व संकट के बाद बढ़ा निवेशकों का रुझान

ईरान-इजरायल-अमेरिका तनाव के बाद मध्य-पूर्व के बाजारों, विशेषकर दुबई जैसे शहरों में अनिश्चितता बढ़ने से बड़े निवेशकों का ध्यान दिल्ली-एनसीआर से सटे क्षेत्रों की ओर तेजी से बढ़ा है। गुरुग्राम, धारूहेड़ा, भिवाड़ी और नीमराना निवेश के सुरक्षित विकल्प के रूप में उभर रहे हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि सोना-चांदी की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और शेयर बाजार की अस्थिरता के बीच रियल एस्टेट सबसे सुरक्षित और लाभदायक निवेश माना जा रहा है। इसका सीधा लाभ नीमराना को मिल रहा है।

तेजी से बढ़ रहे प्रॉपर्टी के दाम

नीमराना में पिछले कुछ महीनों के दौरान प्रॉपर्टी कीमतों में रिकॉर्ड तेजी देखी गई है। खासकर कमर्शियल और इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी की कीमतों में दोगुने तक वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्य बाजार चौड़ीकरण का बड़ा असर

कस्बे के बीचोंबीच गुजरने वाली मुख्य सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हटाकर सड़क चौड़ीकरण की तैयारी शुरू हो चुकी है। नगर पालिका प्रशासन द्वारा निशानदेही किए जाने के बाद मुख्य बाजार के कई हिस्से इसकी जद में आ गए हैं। मुख्य बाजार की अधिकांश दुकानें टूटने की आशंका से व्यापारियों में भविष्य के प्रति चिंता दिख रही है।

बाजार की बड़ी संख्या में दुकानें टूटेंगी। ऐसे में व्यापारी अब वैकल्पिक स्थानों की तलाश में जुट गए हैं। इसका सीधा असर अप्रूव्ड कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और व्यवस्थित बाजारों की मांग पर दिखाई दे रहा है।

श्री कृष्णा टॉवर बना व्यापारियों की पसंद

सरकारी अस्पताल, उपखंड कार्यालय और अन्य प्रमुख सरकारी संस्थानों के समीप स्थित श्री कृष्णा टॉवर सहित हाईवे किनारे बने व्यावसायिक परिसरों में दुकानों और शोरूम की मांग तेजी से बढ़ी है।

प्रॉपर्टी कारोबारियों के अनुसार श्री कृष्णा टॉवर रीको से अप्रूव्ड है। इस कारण इसके ग्राउंड फ्लोर पर दुकानें और शोरूम की मांग बेहद ज्यादा है। हालात ये हैं कि इक्का – दुक्का दुकानों को छोड़कर दुकानें न तो खरीदने के लिए उपलब्ध हैं और न ही किराए पर। सेंटर लोकेशन और बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियों के कारण यहां प्रॉपर्टी की कीमतों में लगातार उछाल आ रहा है।

तीनों सेक्टर में बढ़ी मांग

आवासीय प्रॉपर्टी

अवैध कॉलोनियों को छोड़कर लगभग सभी अप्रूव्ड आवासीय प्रोजेक्ट्स में खरीदारों की रुचि तेजी से बढ़ी है। नौकरीपेशा लोगों, उद्योगों में कार्यरत कर्मचारियों और निवेशकों की मांग लगातार बढ़ रही है।

व्यावसायिक प्रॉपर्टी

मुख्य बाजार, हाईवे किनारे कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और श्री कृष्णा टॉवर जैसी सेंटर लोकेशन वाली दुकानों की मांग सबसे ज्यादा बढ़ी है। किराया और बिक्री दरों में उल्लेखनीय तेजी दर्ज की जा रही है।

औद्योगिक प्रॉपर्टी

रीको फेज-1, फेज-2, EPIP और जापानी जोन में औद्योगिक प्लॉट मिलना बेहद मुश्किल होता जा रहा है। पिछले दो वर्षों में यहां कीमतों में भारी इजाफा हुआ है। कोलिला क्षेत्र में भी औद्योगिक गतिविधियों के कारण तेजी देखी जा रही है।

15 साल बाद फिर दिख रहा बड़ा प्रॉपर्टी बूम

प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का कहना है कि नीमराना अब दूसरा बड़ा प्रॉपर्टी बूम देखने जा रहा है। करीब 15 वर्ष पहले जिस प्रकार यहां जमीनों और कमर्शियल प्रॉपर्टी में तेजी आई थी, वैसा माहौल एक बार फिर बनता दिखाई दे रहा है।

प्रॉपर्टी कारोबारी नरेश यादव और अमित का कहना है कि वर्तमान समय नीमराना में निवेश के लिए सबसे उपयुक्त माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने निवेशकों को केवल अप्रूव्ड प्रॉपर्टी में ही निवेश करने और अवैध कॉलोनियों से दूर रहने की सलाह दी है।

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